पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया है. पुलिस उन्हें लेकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गई है. पुलिस ने उन्हें उस समय हिरासत में लिया जब उनका हवाई जहाज मुंबई से आकर दिल्ली में उतरा. पुलिस ने उन्हें जहाज के अंदर से ही हिरासत में ले लिया.पुलिस ने सीजेपी के लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में ले लिया है. इस बीट दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लुका-छिपी का खेल जारी है. जंतर-मंतर और दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस में युवा जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन वाले संभावित इलाके में अत्यधिक सुरक्षा प्रबंध किए हैं. हर जगह पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया है.
सीजेपी ने की पुलिस की कार्रवाई की निंदा
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने बयान में पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है.सीजेपी का दावा है कि यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है. सीजेपी के नेता मुंबई से दिल्ली आए थे. पार्टी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की.

सीजेपी और देश की दूसरी विपक्षी पार्टियां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगा रहे हैं. उनका दावा है कि मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं.आज के इस प्रदर्शन की अपील सीजेपी ने इसी मुद्दे पर की है.
कांग्रेस ने कहा- घबराएं हुए हैं मोदी और शाह
इस बीच कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से ‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बेहद घबराए हुए हैं.” पार्टी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा देना नैतिक रूप से जरूरी हो गया है.कांग्रेस ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाना जरूरी है, क्योंकि इसके कारण पहले ही करीब 14 करोड़ भारतीय मताधिकार से वंचित हो चुके हैं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि देश की राजधानी को किले में तब्दील कर दिया गया है और हर जगह हथियारबंद सुरक्षाकर्मी तैनात हैं.रमेश ने एक एक्स पोस्ट में कहा,” प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन से बुरी तरह घबराई और बौखलाई हुई है. ये युवा संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मिले अपने मताधिकार को छीनने की सुनियोजित कोशिश को लेकर गहरी चिंता में हैं.” उन्होंने कहा कि इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपनी नियुक्ति के समय उन्हें विनाशकारी जोड़ी की ओर से दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन किया.
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