पेपर लीक और शिक्षा में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर विशाल-धरना प्रदर्शन किया था. इस दौरान 20 जुलाई को छात्रों ने संसद मार्च आयोजित किया था. इस दौरान संसद की ओर बढ़ रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने भारी बल प्रयोग किया था. पुलिस ने लाठीचार्ज के अलावा पैलेट गन भी इस्तेमाल किया था. इसमें बड़ी संख्या में छात्र घायल हुए थे. इससे पहले जून के पहले हफ्ते में जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद नाम की एक लड़की के पिता पर हमला हुआ था. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी और फिर छोड़ दिया था. अब इनमें से एक लड़के ने एक पॉडकास्ट में दावा किया है कि उनसे निशु नाम की इस दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ा था. उसने इस पॉडकास्ट में दावा किया है कि उसे दिल्ली के एक मंत्री का समर्थन हासिल है और पुलिस की हिरासत से छुड़ाने में उनका ही हाथ है. इस पॉडकास्ट के सामने आने के बाद निशु ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मदद की अपील की है. राहुल गांधी ने भरपूर मदद का आश्वासन दिया है. वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इस मामले में जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी.
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>पुलिस के होते हुए जंतर-मंतर पर मेरे पापा का बीजेपी के गुंडों के द्वारा सिर फाड़ दिया गया पुलिस कोई काम नहीं कर रही है <a href=”https://x.com/KapilMishra_IND?ref_src=twsrc%5Etfw”>@KapilMishra_IND</a> के फोन करते ही उस गुंडे को उसी रात छोड़ दिया गया और गुंडो में पुलिस का बिल्कुल भी खौफ नहीं है..<a href=”https://x.com/SanjayAzadSln?ref_src=twsrc%5Etfw”>@SanjayAzadSln</a> <a href=”https://x.com/BhimArmyChief?ref_src=twsrc%5Etfw”>@BhimArmyChief</a> <a href=”https://x.com/AzadSamajParty?ref_src=twsrc%5Etfw”>@AzadSamajParty</a> <a href=”https://t.co/hAHKPuvb95″>pic.twitter.com/hAHKPuvb95</a></p>— Nishu Aazad (@Nishuazad11) <a href=”https://x.com/Nishuazad11/status/2070505250499526814?ref_src=twsrc%5Etfw”>June 26, 2026</a></blockquote> <script async src=”https://platform.x.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
स्वतंत्र भारद्वाज का दावा क्या है
सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज नाम के युवक को यह दावा करते हुए सुना जा सकता है कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था. उसका दावा है कि राजनीतिक रसूख के चलते वह बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला.इस पॉडकास्ट में वह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्र से अपने संबंधों को लेकर दावा कर रहा है.
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>यह स्वतंत्र भारद्वाज है<br><br>शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया – उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे <br><br>307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया – रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा <br><br>कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे… <a href=”https://t.co/OL5sZJC0SN”>pic.twitter.com/OL5sZJC0SN</a></p>— Supriya Shrinate (@SupriyaShrinate) <a href=”https://x.com/SupriyaShrinate/status/2095380236384743619?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 3, 2026</a></blockquote> <script async src=”https://platform.x.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
निशु आजाद ने राहुल गांधी से मांगी मदद
स्वतंत्र भारद्वाज का पॉडकास्ट सामने आने के बाद निशु ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा,”वायरल वीडियो में उसने खुद कबूल किया उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था. हमने इस घटना के समय ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया था, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है. दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है. अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से हैं. प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए.”
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।<br><br>साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।<br><br>अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने… <a href=”https://t.co/m1mgH655hw”>https://t.co/m1mgH655hw</a></p>— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) <a href=”https://x.com/RahulGandhi/status/2095512261058330941?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 3, 2026</a></blockquote> <script async src=”https://platform.x.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
निशु के इस पोस्ट के जवाब में राहुल गांधी ने कहा, ”निशु, घबराने की जरूरत नहीं है. मैं तुम्हारे साथ हूं. साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज उठाती हो. अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है. दूसरी तरफ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है. पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है. हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता. जय भीम. जय संविधान.”
निशु आजाद को मिला चंद्रशेखर आजाद का भी साथ
<blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”hi” dir=”ltr”>23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।<br><br>वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की… <a href=”https://t.co/t3y2w4vHTq”>pic.twitter.com/t3y2w4vHTq</a></p>— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) <a href=”https://x.com/BhimArmyChief/status/2095543531050061941?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 3, 2026</a></blockquote> <script async src=”https://platform.x.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script>
निशु के पोस्ट पर आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पर लिखा है, ”23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है. लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद ‘7 टांके’, ‘मरने की स्थिति’ और ‘307 बनता था’ जैसी बातें कह रहा हैं.वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि ‘अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे.’ साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और ‘कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं’,’चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं’ तथा ‘सबका सपोर्ट है’.”
उन्होंने कहा है,”तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया? कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे. जय भीम, जय भारत..”


